Solution for LIC related Problems

By | July 7, 2018




Solution for LIC related Problems

LIC POLICY PROBLEMS AND SOLUTION

Solution for LIC related Problems

आज में आपको इस पोस्ट के माध्यम से LIC बिमा पालिसी लेने के बाद आने वाली “LIC related Problems के Solution” (समस्याओं) के बारे में चर्चा करूगा जो नीचे बताये जा रहे हैं, जैसे-:

  1. LIC MONEY BACK PROBLEM

  2. LIC POLICY REVIVAL

  3. LIC POLICY NOMINEE CHANGE

  4. LIC POLICY LOAN APPLY

  5. LIC POLICY MATURITY

  6. LIC POLICY SURRENDER

  7. LIC POLICY DEATH CLAIM

  8. LIC POLICY SERVICE  BRANCH TRANSFER

     9. LIC POLICY NAME CORRECTION

   10. LIC POLICY BOND MISSING

   11. LIC POLICY DUPLICATE BOND

   12. LIC POLICY PREMIUM MODE CHANGE

   13. LIC POLICY CONVERT IN ORDINARY POLICY

तो आइये सबसे पहले शुरू करते हैं-:

  1. LIC MONEY BACK PROBLEM

कई लोग LIC के मनी बैक प्लान को भी लेते हैं, जिसमें बिमा धारक को प्रत्येक 3, 4, या 5 साल की अवधी में मनी बैक के रूप में कुछ बीमा राशी बीच-2 में मिलती रहती है , पहले LIC अपने ग्राहकों को चेक के द्वारा मनी बैक राशी का भुगतान उसके पते पर भेजती थी , लेकिन 2012 के बाद LIC द्वारा अपने ग्राहकों को किसी भी प्रकार का भुगतान NEFT के माध्यम से किया जाने लगा मतलब अब बैंक खाते में ही भुगतान किया जाता है, लेकिन बहुत से बिमा धारकों को अभी तक इसकी कोई जानकारी नहीं है, जिसके कारण बिमाधारकों को मनी बैक नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि LIC के पास बिमा धारकों का बैंक खाता बिमा धारकों द्वारा नहीं दिया गया है।

LIC money back देय होने पर पालिसी में दर्ज पते पर बिमा धारक को इसकी सूचना भी दी जाती है, लेकिन पालिसी धारक का पता बदलने के कारण इसकी सूचना बिमा धारक को नहीं मिल पाती है, यदि आपने LIC की कोई money back policy ली है तो जल्द से जल्द अपनी LIC पॉलिसियों में अपना बैंक खाता LIC office जाकर दर्ज कराएँ।

     2. LIC POLICY REVIVAL PROBLEM

LIC पालिसी लेने के बाद उसको सूचारु रूप से चलाये रखना पालिसी धारक के लिए एक चुनोती जैसी बनी रहती है। LIC पालिसी लेने के बाद कुछ बीमा धारक पालिसी को 3 साल तक भी नहीं जमा करवा पाते हैं, जीसके कारण बीमा धारक का बीमा कवर समाप्त हो जाता है, और ना ही उसकी कुछ रकम वापिस हो पाती है, क्योंकि LIC पालिसी को 3 साल चलाना आवश्यक है।

पालिसी लेने के बाद यदि LIC की प्रीमियम की देय तारीख से 30 दिन में यदि प्रीमियम नहीं भरी जाती है तो पालिसी लैप्स ((LAPSE) हो जाती है। पालिसी लैप्स होने के दौरान यदि पालिसी धारक की किसी कारणवश मृत्य हो जाती है तो उसके परिवार को कोई भी बीमा राशी नहीं मिलती है। यदि आपकी कोई भी LIC पालिसी लैप्स अवस्था में है तो उसे पुनः चालू कराएँ। बंद LIC पालिसी कैसे चालू करनी है इसके लिए आगे दिए गए लिंक अपनी बंद LIC पोलिसी कैसे चालू करें? पर जाकर आप जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

नीचे की बाकि समस्याएं जल्द ही बताई जायेंगी……………

     3. LIC POLICY NOMINEE CHANGE

     4. LIC POLICY LOAN APPLY

     5. LIC POLICY MATURITY

     6. LIC POLICY SURRENDER

     7. LIC POLICY DEATH CLAIM

     8. LIC POLICY SERVICE  BRANCH TRANSFER

     9. LIC POLICY NAME CORRECTION

   10. LIC POLICY BOND MISSING

   11. LIC POLICY DUPLICATE BOND

   12. LIC POLICY PREMIUM MODE CHANGE

   13. LIC POLICY CONVERT IN ORDINARY POLICY

Fill your details below Solution for LIC related Problems

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